Meri Kavita




तुझसे ना हो पाएगा

ये जग तो बार बार ये ही दोहराएगा

परन्तु मुझे भरोसा है तू करके दिखाएगा

सब आज कर रहे तुझे ignore है

परंतु तू ही असली खिलाड़ी है

तुझमें क्या लाचारी है

हर कोई तह तक गोते लगा रहा

पर तू क्यों अपनी मेहनत नहीं अजमा रहा

तुझमें है वो बात

जो हर व्यक्ति को करदे हैरान

चल निकल बाहर अब दिखा अपनी जान

ताक पे रख दे मान

क्योंकि सबको पता है क्या कहेंगे लोग

है ये सबसे बड़ा रोग

चल अब बिना रोक टोक

ना कर कोई shok

उठा अपनी कलम 

और हटा सारे मलहम

लग जा तैयारी में

एक दिन बन जाएगा 

फिर हर कोई तेरे आगे सर झुकाएगा

बनना है जो हर पल सोच वही

दुनिया की परवाह नहीं

क्योंकि ये दुनिया तो करती है वही 

जो इसको दिखता है सही

मुझे पता है तूने कितनी मुंह कि खाई है

परन्तु सच में तूने अपनी किस्मत खुद ही बनाई है

नहीं रुकता निरंतर जो चलता

वहीं सफलता प्राप्त करता है

तूने यह करके दिखाया है

जो तुझपे हंसते थे

आज करते है गर्व वो

तूने सबकी आंखो में मेहनत करके

कुछ बनने कि आशा जगाई है

कई लोगो के अंधेरे को तूने मिटाया है

तू क्या जाने ऊपर वाले 

कितना पसीना इसने बहाया है

आखिर उसने मुकाम 

अपनी मेहनत से पाया है

पग पग में थे काटे उसके

पग पग में था संघर्ष उसके

घर में पैसे से भी थी तंगी उसकी

परन्तु एक थी उसमें बात

वो थी कभी हार ना माने वाली जिद्द

इसी से बनाया उसने सबको अपना मुरीद


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