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आखिरी प्रयास

 आज हम अपनी इस पोस्ट में short motivational story in hindi देखेंगे. आजकल वर्तमान युवा पीढ़ी अपने लक्ष्यों को, अपने सपनों को पूरा करने के लिए मार्ग पर चलते तो है परन्तु वह बार बार कोशिश करने के बाद भी असफल हो जाते है, ऐसे ही युवाओं का मार्गदर्शन करने के लिए ये छोटी सी कहानी हमने प्रस्तुत की है.


                        आखिरी प्रयास


एक बार की बात है राजा मनन सिंह के यहां एक विदेशी मेहमान आया और उस मेहमान ने प्रतापी राजा मनन सिंह को उपहार स्वरूप एक बहुत ही सुन्दर पत्थर दिया. ये पत्थर इतना सुंदर प्रतीत होता था कि राजा का उस पत्थर से मोह खत्म ही नहीं होता था. राजा उस पत्थर को हमेशा अपने साथ राजदरबार में रखके ही सोते थे.

एक दिन राजा के मन में एक विचित्र ख्याल आया, राजा ने सोचा क्यों ना मैं इस पत्थर से भगवान विष्णु जी की प्रतिमा का निर्माण करवाऊं. उन्होंने अपने महमंत्री से पत्थर द्वारा विष्णु जी की मूर्ति बनवाने के लिए पांच सौ सोने की मुद्रा उपहार स्वरूप देने का निश्चय किया. राजा ने महामंत्री से ये बात राजा को पूरे राज्य में बता देने के लिए कह दिया, परन्तु महामंत्री के मन में 500 सोने की स्वर्ण मुद्रा सुनकर मूर्तिकार को ढूंढने के बजाय खुद ही मूर्ति बनाने की ठानी. महामंत्री ने पत्थर पर पूरे 100 बार अपने हथौड़े से प्रहार किया, परन्तु उसने 101 वी बार में सोचा अब मेरे से नहीं होगा, उसने वो प्रयास बीच में ही छोड़ दिया और थक हार के यह काम एक साधारण से मूर्तिकार को दे दिया. मूर्तिकार के एक ही प्रयास से वह पत्थर टूट गया और उसने विष्णु जी की मूर्ति का काम भी पूरा कर दिया। इस प्रकार एक साधारण से मूर्तिकार ने 500 सोने की स्वर्ण मुद्रा का उपहार भी जीत लिया.


सीख - दोस्तों, अक्सर हम चाहते हैं कि हमें कम मेहनत में जल्दी से जल्दी सफलता मिल जाए. हमारे द्वारा बार-बार कोशिश करने के बाद भी हमें सफलता नहीं मिलती क्योंकि हम कोशिश पूरे दृंढ संकल्प से नहीं करते. हमें कोशिश पूरे आत्मविश्वास से करनी चाहिए, अपने आत्मविश्वास को कभी डिगने मत दीजिए.



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