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Best Inspirational Story in Hindi

 आज हम अपनी पोस्ट में आपके लिए लाए है बड़ी ही रोचक प्रेरणादायक कहानी   
|| Best Motivational Story in Hindi ||


हो सकता है
(Motivational Story In Hindi)




बहुत ही रोचक कथा है, बहुत समय पहले एक किसान का घोड़ा कहीं दूर भाग गया. यह बात सुनकर पड़ोसी लोग उस किसान को दिलासा देने के लिए उसके घर इकट्ठा हो गए.


उन लोगों में से एक ने किसान को कहा कि तुम्हारी तो किस्मत ही खराब है, लगता है घोड़े का गायब होना किसी बुरी खबर का संकेत है. जरूर कोई संकट की घड़ी आने वाली है.


किसान ने बस तीन शब्द बोले ' हो सकता है '


अगले दिन क्या हुआ कि किसान का जो घोड़ा गायब हुआ था वो वापस आ गया. सब लोग कहने लगे भाई तेरी तो किस्मत बहुत बढ़िया है, यार किस्मत हो तो तेरे जैसी.


किसान ने फिर वो ही शब्द बोले ' हो सकता है '


और, उसके अगले दिन उस घोड़े पर किसान का बेटा घुड़सवारी करते हुए गिर गया, तो लोगों ने फिर किसान की किस्मत को कोसा और कहने लगे कि भई तेरी तो किस्मत कसम से काले अक्षरों से लिखी गई है.


फिर दोबारा किसान ने जवाब दिया ' हो सकता है '


एक दिन क्या हुआ किसान के बेटे को डाकुओं ने अगवा करके फिरौती मांगने की योजना बनाई. वो रात को किसान के घर आए लेकिन उन्होंने देखा कि लड़के की तो टांग ही टूटी पड़ी है तो वो खाली हाथ ही चले गए.


पड़ोसी किसान के घर आकर उसकी बधाई देने लगे, एक ने कहा भाई तुम सच में बहुत किस्मत वाले हो.


किसान ने हमेशा की तरह वो ही 3 शब्द कहे ' हो सकता है '



सीख (Moral Of The Story)


किस्मत को कोसना और किस्मत को मानना छोड़ दो. अपने कर्मों पर भरोसा करना सीखों. कर्म अगर आपके अच्छे होंगे ना तो परिणाम अच्छा ही मिलेगा.


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ज्यादा बोलने का फल
(Motivational Story In Hindi)




बड़ी ही रोचक कहानी है, एक मुल्ला नसरुद्दीन घने जंगल से गुजर रहे थे कि उन्हें अचानक रास्ते में एक खोपड़ी नज़र आई.


मुल्ला जी बड़बोले और मस्तमौले तो बचपन से ही थे. उन्होंने खोपड़ी से पूछ लिया और जनाब, यहां कैसे आना हुआ!


बड़ी ही रोचक बात है, खोपड़ी ने जवाब दिया ' मेरे बहुत बोलने ने मुझे यहां पहुंचा दिया है ' मुल्ला जी सुनकर हैरान हो गए. समझो मुल्ला जी की जान ही निकल गई हो. अब उन्हें डर लगने लगा था, वह समझ नहीं पा रहे थे कि क्या किया जाए!


उसने एक योजना बनाई, उसने सोचा कयों न वह ये बोलने वाली खोपड़ी राजा को भी दिखाए. 


अगले दिन वह राजदरबार में गया और चिल्लाते हुए राजा को बोला ' महाराज करिश्मा हो गया! चमत्कार हो गया!  कमाल हो गया! हमारे पास के गांव में जो घना जंगल है वहां एक खोपड़ी पड़ी है जो कि बोलती है '


राजा अब बड़े उत्सुक थे उस खोपड़ी को देखने के लिए और बाकी सभी लोग भी, ये करिश्मा खुद अपनी आंखों से देखना चाहते थे. 


सभी उस गांव की तरफ चल देते हैं, नसरुद्दीन के पीछे-पीछे.


जब सब वहां पहुंचते हैं तो मुल्ला जी खोपड़ी से पूछते हैं ' तुम यहां कैसे पहुंच गए जनाब ' खोपड़ी से  कोई जवाब नहीं निकलता. यह सब देखकर राजा आग बबूला हो जाते हैं.


राजा कहते हैं तुमने हमारा बेशकिमती समय खराब किया है इसलिए तुम्हे इसकी सजा जरूर मिलेगी. महराज अपने सिपाहियों से कहते हैं, इसका सर काटकर इसी खोपड़ी के पास डाल दो ताकि वहां पड़े छोटे-छोटे कीड़े इसको खा ले.


सबके जाने के बाद वो खोपड़ी मुल्ला जी से पूछती है तुम यहां कैसे? मुल्ला जी कहते हैं 'मेरे ज्यादा बोलने ने मुझे यहां पहुंचा दिया.'



सीख (Moral Of The Story)


जरुरत से ज्यादा बोलना आपके लिए नुकसान कर सकता है. हमें सही समय पर सही बात बोलने का गुण सीखना चाहिए.


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