Best Inspirational Story in Hindi

 जीवन में उत्साह और प्रेरणा भर देने वाली बेहतरीन रोचक कहानियां |

|| Best Motivational Story In Hindi ||


दोस्तो, हमारी जिंदगी में प्रेरणादायक कहानियों (Motivational Story In Hindi) का एक अलग ही महत्व है. जब भी हम निराश या उदास होते हैं तो किसी की प्रेरक बातें, शब्द या कहानी ही अक्सर हमें याद आती है. 

आज की हम अपनी इस पोस्ट में लाए है ऐसी ही  बेहतरीन रोचक कहानियां (short motivational story in hindi with moral) जो आपके अंदर उत्साह और उमंग भर देंगी


ज्ञान के बिना सच को पहचानना असंभव
| Motivational Story In Hindi |




एक शहर में सुंदर प्रकाश नाम के बड़े ही प्रसिद्ध जौहरी रहा करते थे. एक दिन अचानक दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया, जिससे घर के हालात बेहद खराब हो गए. हालात इतने बदत्तर हो गए कि घर में खाने तक के लाले पड़ गए.


कमाई का कोई साधन न दिखने की वजह से उसकी पत्नी ने अपने बेटे को एक सोने का हार देकर कहा कि 'इसको अपने चाचा की दुकान पर ले जाओ और उनसे इसके बदले कुछ पैसे ले आओ.'


बेटा अपने चाचा के पास हार लेकर जाता है.


चाचा ने बेटे से कहा 'अभी बाजार बहुत ही मंदा चल रहा है, थोड़े टाइम रुक जाओ! बाद में इसके अच्छे दाम मिलेंगे' चाचा ने उसको थोड़े पैसे देकर घर भेज दिया और कहा, कल से तुम दुकान पर बैठना.


अगली सुबह वह लड़का दुकान पर आकर बैठ गया और इस तरह वो रोज आकर हीरे-जवाहरत की परख का काम सीखने लग गया. 


पांच साल बाद अपनी मेहनत के बलबूते वह बड़ा पारखी बन गया और उसके पास दूर-दूर से हीरे की परख करवाने लोग-बाग आने लगे.


एक दिन उसके चाचा ने कहा बेटा 'जरा! वो हार तुम अपनी मां से लेकर आना और कहना कि बाज़ार अभी तेज चल रहा है, उसके अच्छे दाम मिल जाएंगे.'


जब उसने अपनी मां से हार लिया और उसे परखा तो पता चला कि हार तो नकली है. फिर, वो हार दुकान पर लेकर ही नहीं गया.


चाचा ने पूछा बेटा हार नहीं लाए! तो बेटे ने कहा हार नकली था इसलिए मैं लाया ही नहीं.


तब उसके चाचा कहते हैं, जब तुम पहली बार हार लेकर आए थे तभी मैं देखते समझ गया था कि यह तो नकली है लेकिन मैंने तुम्हें बताया नहीं क्योंकि तुम सोचते कि जब हमपे बुरा वक्त आया तो चाचा ने हमारी मदद नहीं की और तो और हमारी चीज़ को भी नकली बताने लगे हैं. आज तुम खुद पारखी बन गए हो तो तुम्हें अब खुद ही पता चल गया कि हार सच में नकली है.


सच यह है कि हम जब भी ज्ञान के बिना कोई चीज़ सोचते, देखते या जानते हैं वह सब गलत होता है और इससे व्यक्ति को गलतफहमी का शिकार होना पड़ता है और इससे ही सारे रिश्ते भी बिगड़ जाते हैं.


सीख | Moral Of The Story |


ज्ञान के बिना सच को जानना नामुमकिन होता है. ज्ञान अंधकार रूपी अंधविश्वासों और गलतफहमी को दूर करता है.



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तू कर सकता है
| Best Motivational Story |




दो बहुत ही अच्छे दोस्त थे, एक 7 साल का था और दूसरा 12 साल का था. वे हर काम साथ में ही करते थे. वे साथ-साथ खेलते थे और साथ-साथ ही स्कूल भी जाते थे. 


एक दिन, वो दोनों साथ-साथ खेलते कहीं दूर चले गए और क्या हुआ कि बड़े वाला जो 12 साल का था वो कुएं में गिर गया, कुआं बहुत गहरा था और उसे तैरना भी नहीं आता था. वो बेचारा, अब बचाओ! बचाओ! चिल्लाने लगा.


छोटे वाले ने अपने दोस्त की मदद के लिए इधर-उधर देखा परंतु दूर-दूर तक कोई नज़र नहीं आया. उसे कुएं से जुड़ी हुई एक बाल्टी और रस्सी दिखी.


उसने रस्सी को कुएं में फेक दिया और दोस्त को कहा कि वो इसको पकड़ ले. उसने उसे पकड़ लिया. छोटे वाले लड़के ने अपने दोस्त को ऊपर खीचने में पूरा दम खम लगा दिया, जब तक कि उसका दोस्त ऊपर नहीं आ गया 

और, आखिर में उसका दोस्त ऊपर आ गया.


बाद में दोनों दोस्त बहुत रोए और बाद में खुश भी बहुत हुए, लेकिन वो अब इस बात से डरे हुए थे कि अगर वो अब गांव जाएंगे तो उन्हे बहुत डाट और पिटाई पड़ेगी.


लेकिन जब वो दोनों अपने अपने घर गांव पहुंचे और अपनी बाते बताई तो सारे लोग उनपे हसने लगे, किसी ने भी उनकी बातों पर विश्वास ही नहीं करा कि एक 7 साल के बच्चे ने 12 साल के बच्चे को कुएं से बाहर निकाल लिया और वो भी रस्सी से खींचकर.


लेकिन सबके न मानने के बावजूद एक बुजुर्ग आदमी ने उनकी बात मान ली.


 तो सब उस बुजुर्ग के पास गए और उन्होंने उससे पूछा आपने कैसे इन बच्चो की बात मान ली?  


बुजुर्ग आदमी ने बड़ा ही रोचक जवाब दिया कि ' इन्होंने ये इसलिए कर लिया क्योंकि वहां उन्हें ये बोलने वाला कोई नहीं था कि तू ये नहीं कर सकता. ' 



सीख | Moral Of The Story |


मुश्किल कुछ नहीं है, आपकी सोच जैसी होती है वैसा ही आपको काम भी नज़र आने लगता है. अपनी सोच को बड़ा बना लो तो कोई काम मुश्किल नहीं लगेगा.


स्रोत - संदीप महेश्वरी सर की वीडियो से उद्धृत



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