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मौका मत छोड़ो

दो मछुआरों को बहुत ही प्रसिद्ध कहानी है, जो हमें जीवन की बहुत कुछ बारीकियों को सीखा कर जाती है, आइए शुरु करते है अपनी बेहतरीन प्रेरणादाई कहानी best motivational story in hindi को।

मौका मत छोड़ो


 मौका मत छोड़ो
(Motivational Story In Hindi)


दो मछुआरे रवि और राजेश, मछली पकड़ने के लिए नदी के तट पर अपनी अपनी नाव लेकर जाते है। दोनों मछुआरे अपनी पहली मछली पकड़ने के लिए करीबन पंद्रह मिनट से प्रतीक्षा कर रहे थे।


रवि के काटे में तो मछली फस गई वो भी बड़ी मछली फसी जबकि राजेश का काटा अभी भी खाली पड़ा है और उसे अब करीब एक घंटे से ज्यादा हो चुका है।


देखते ही देखते रवि के काटे में बहुत सी मछलियां फस जाती है और वो अपना बोरा मछलियों से भरकर घर जाने की तैयारी करने में लगा है, वही रवि राजेश पर भी टक टकी नजरे लगाए हुए था, उसने राजेश से मदद के लिए भी कहा लेकिन राजेश ने मदद के लिए मना कर दिया।


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करीब दो घंटे बाद राजेश के काटे में भी एक बड़ी सी मछली फस जाती है लेकिन राजेश उस मछली को देखकर फिर से पानी में फेंक देता है, अगली बारी में उसके काटे में पहले वाली से भी बड़ी मछली फसती है लेकिन वो उसे भी देखकर पानी में फिर से फेंक देता है।


ये सब देखकर रवि बहुत हैरान होता है और उससे रहा नही जाता और वो राजेश से पूछ ही लेता है भाई! तुम बार बार मछली पकड़ने के बाद उसे नदी में क्यों फेंक देते हो।


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जैसी आदतें वैसा चरित्र

इस पर राजेश बोला कि मेरे पास इतनी बड़ी मछली को पकाने के लिए कोई बड़ा बर्तन नहीं हैं। मुझे छोटी मछली की तलाश है।


ये बात सुनकर रवि जोर से ठाका मारके हस्ता है और राजेश से कहता है अरे तुम इतनी बड़ी मछली को काटकर भी तो पका सकते थे।



सीख
(Moral of the story)


दोस्तों! ऐसा ही हम सबका भी हाल है, हम बड़े सपने जरूर देखते है और हम बड़े लक्ष्य भी बना लेते हैं लेकिन छोटे छोटे काटों यानी बाधाओं से बड़ी जल्दी हताहत हो जाते है। हमें मौके को चूकना नहीं है, उसे भुनाना है। जीवन में आगे बढ़ने के मौके हर किसी के जीवन में आते हैं और मौके जीवन में एक बार नहीं सैकड़ों बार आते हैं हमें उन्हें सही दिशा और सही ढंग से पढ़ने की जरुरत होती है। जीवन में आगे वो ही बढ़ पाते हैं, जो उन मौकों को भुना लेते हैं। 


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