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2 Best Moral Story In Hindi | नैतिक कहानी हिंदी में

दो बेहतरीन प्रेरणादाई कहानी
(2 best moral story in hindi)


    आज की इस पोस्ट में हम लाए है दो बेहतरीन प्रेरणादाई कहानी (moral story in hindi) उम्मीद करते हैं आपको पसंद आएगी।


    भगवान मुझे बचा लेंगे
    (Motivational Story In Hindi)


    जामनगर में एक साधु आत्माराम रहा करते थे, वो अपनी तपस्या के लिए पूरे गांव में मशहूर थे। आत्माराम बगैर कुछ खाए कई कई दिनों तक कठोर तपस्या करा करते थे। आत्माराम को अपने भगवान में पूरा विश्वास था कि मुश्किल से मुश्किल घड़ी में वो मुझे बचा लेंगे।


    एक बार जामनगर में भयंकर बाढ़ आ गई, और सभी लोग गांव छोड़कर जा रहे थे और कई लोग ऊपर वाली पहाड़ी पर जाकर शरण ले रहे थे ताकि बाढ़ से बच सके। 


    सभी लोगों ने साधु आत्माराम से कहा कि वो भी उनके साथ चले, लेकिन उन्होंने मना कर दिया और कहा भगवान मुझे बचा लेंगे।


    बाढ़ का पानी अब बहुत ही ज्यादा ऊपर आ चुका था, अब साधु को बचाने के लिए कुछ नाविक नाव में बैठने के लिए कहते हैं लेकिन आत्माराम उनको भी मना कर देते हैं और पेड़ के ऊपर चढ़कर अपनी तपस्या में फिर से लग जाते हैं।


    अब, मानो पूरा गांव ही बाढ़ के कारण डूबने जा रहा था, तब ही फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए हेलिकॉप्टर आते हैं और वो रस्सी फेंककर आत्माराम को ऊपर आने के लिए कहते हैं, लेकिन आत्माराम रस्सी को वापिस फेंक देते हैं और फिर ये सोचकर भगवान मुझे बचा लेंगे अपनी तपस्या में फिर से लग जाते हैं।



    और, आख़िर में आत्माराम की मृत्यु हो जाती है। भगवान के धाम स्वर्गलोक पहुंचने के बाद वो सवाल करते हैं मेरी इतनी तपस्या करने के बाद भी आप मुझे बचाने क्यों नहीं आए?


    तब भगवान कहते हैं अरे! मूर्ख मैं तीन बार तुझे बचाने आया। पहली बार मैंने तेरी पैदल मदद करी, दूसरी बार मैंने नाव भेजी और तीसरी बार में मैंने हेलिकॉप्टर भेजा लेकिन तू हर बार मुझे मना करता रहा। 


    सीख
    (Moral Of The Story)


    हमें जीवन में कभी किसी दूसरे के भरोसे नहीं बैठना चाहिए, हमारे पास जो कुछ भी अभी हैं उसी को लेकर आगे बढ़ना चाहिए। आप का आज ही आपका कल बेहतर बनाता है।



    गरीब बच्चा और राहगीर
    (Motivational Story In Hindi)


    एक गरीब बच्चा फटे कपड़ो में नंगे पांव लाल बत्ती पर कड़ी धूप में गुब्बारे बेच रहा था, वो लाल बत्ती पर आने वाले हरेक राहगीर से गुब्बारे खरीदने के लिए कहता। बहुत ही कम गुब्बारे उसके बिक पाते थे।


    एक बार उसने एक राहगीर को 2 गुब्बारे 5 रुपए के काफी मिन्नत के बाद बेचे लेकिन राहगीर के पास 20 रुपए का नोट था इसलिए उसने बच्चे पर भरोसा करके उसे पैसे खुल्ले करने के लिए भेज दिया लेकिन काफी देर होने के बाद जब वो नहीं आया तो वो राहगीर पैसे लिए बिना ही चला गया।



    अगले दिन राहगीर के घर पर एक लड़का आता है और उसे बचे 15 रुपए देते हुए कहता है, ये पैसे मेरे छोटे भाई ने भेजे हैं वो आ नहीं सका क्योंकि पैसे खुल्ले करवाने के टाइम उसका एक गाड़ी से एक्सीडेंट हो गया और इस दौरान उसके दोनों पैरों की हड्डियां टूट गई है।


    ये सुनकर राहगीर की आंखों में आंसू आ जाते हैं और वो उसके बड़े भाई को गले से लगा लेता है और राहगीर खुद अपने पैसों से उसके छोटा भाई का इलाज करवाता है और आखिर में उस गरीब बच्चे की जान बच जाती है।


    सीख
    (Moral Of The Story)


    हमें हर काम ईमानदारी से करना चाहिए, आपका ईमानदारी से किया गया काम बाद में आपके कभी भी काम आ सकता है।


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