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नीरज चोपड़ा भारत की शान

आज की इस पोस्ट में हम बात करेंगे भारत की शान बन चुके नीरज चोपड़ा के बारे में, जिन्होंने भारत देश का नाम गौरवान्वित किया है। आज हमें उनके जीवन के कुछ अंशों को पढ़कर उनसे कुछ सीखने को जरुर मिलेगा।



    Neeraj Chopra 


    नीरज चोपड़ा जीवनी
    (Neeraj Chopra Biography)


    नीरज चोपड़ा ने अभी हाल ही में टोक्यो ओलंपिक में भाला फेंक प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर पूरे भारत देश को गौरवान्वित किया है। ट्रैक एंड फील्ड में भारत को मिला यह पहला मेडल है। मिल्खा सिंह का सपना साकार कर, नीरज चोपड़ा ने अपना मेडल उन्हें समर्पित किया है। 


    ओलंपिक 2008 के गोल्ड मेडल विजेता अभिनव बिंद्रा के बाद ओलंपिक में नीरज चोपड़ा भारत के दूसरे गोल्ड मेडल विजेता है। नीरज चोपड़ा ने भारत के लिए 121 साल बाद ट्रैक एंड फील्ड में पहला गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास में अपना नाम हमेशा हमेशा के लिए दर्ज करवा लिया है।


    नीरज चोपड़ा व्यक्तिगत जानकारी
    (Neeraj Chopra Personal Details)


    नीरज चोपड़ा अभी मात्र 23 वर्ष के है, इनका जन्म 24 दिसंबर 1997 को हुआ था। नीरज हरियाणा में पानीपत के एक छोटे से गांव खंडरा के रहने वाले हैं। नीरज के पिता सतीश कुमार एक किसान है और इनकी माता सरोज देवी हाउस वाइफ है। नीरज अपने पांच भाई बहनों में सबसे बड़े है, जिनमें ये दो बहने और तीन भाई है। 


    टोक्यो ओलंपिक का सफर
    (Neeraj Chopra Tokyo Olympic)


    नीरज ने फाइनल मुकाबले में अपने दूसरे ही प्रयास में 87.58 मीटर दूर भाला फेंककर गोल्ड मेडल पर अपनी दावेदारी पेश कर दी थी। कोई भी एथलीट उनकी इस दावेदारी को भेद नहीं पाया। 7 अगस्त 2021 को हुए इस ऐतिहासिक मुक़ाबले में पाकिस्तान के अरशिद नदीम को भी मेडल का दावेदार माना जा रहा था लेकिन वो इस ऐतिहासिक मुक़ाबले में पांचवे स्थान पर रहे।


    फाइनल में जगह बनाने से पहले क्वालिफिकेशन राउंड में नीरज ने 86.65 मीटर दूर भाला फेंका था और क्वालिफिकेशन राउंड में टॉप पर रहते हुए उन्होंने फाइनल 12 एथलीटों में अपनी जगह बनाई थी। 


    इस तरह नीरज चोपड़ा ने अपना नाम भारतीय इतिहास में हमेशा हमेशा के लिए दर्ज करवा लिया है और आज अगर मिल्खा सिंह जिंदा होते, तो ट्रैक एंड फील्ड में मेडल पाने के सपने को वो जी पाते।


    टोक्यो में ओलंपिक मुकाबले
    (Olympic Schedule Neeraj Chopra)


    टोक्यो ओलंपिक 2020 में नीरज चोपड़ा का क्वालिफिकेशन मैच 4 अगस्त को और फाइनल मुकाबला 7 अगस्त को 4:30 बजे हुआ था। फाइनल में धमाकेदार जीत से भारत ने अपना सबसे सफल ओलंपिक टोक्यो ओलंपिक 2020 का समापन किया, जिसमें भारत ने कुल 7 मेडल जीते और भारत मेडल तालिका में 48वे स्थान पर रहा। 



    नीरज चोपड़ा कैरियर 
    (Neeraj Chopra Career)


    नीरज अपने घर में पांचों भाई बहनों में सबसे बड़े होने के कारण सबके बड़े लाडले थे और इसके कारण ही उनका वजन काफी बढ़ गया था। बढ़ते वजन के कारण नीरज का ध्यान अपने वजन को कम करने पर पड़ गया था और उन्होंने कसरत करना शुरू कर दिया था तथा वो अब 15 से 17 किलोमीटर दूर पानीपत में मौजूद शिवाजी स्टेडियम में जाने लगे थे। नीरज के चाचा उन्हें अपने साथ स्टेडियम ले जाया करते थे।


    स्टेडियम में जयवीर नाम के दोस्त ने उन्हें भाला फेंकने के लिए प्रेरित किया था। जेवलिन यानी भाला फेंक खेल में उनका मन यूं लग गया कि वो अब 7 से 8 घंटे दिन में प्रैक्टिस करने लग गए थे। इसी के कारण उन्होने मात्र 2 महीने में अपना 20 किलो वजन भी कम कर लिया था।

    उस समय नीरज केवल 11 साल के थे।



    शिक्षण 
    (Neeraj Chopra Education)


    नीरज चोपड़ा ने अपनी आरंभिक शिक्षा पानीपत, हरियाणा से की और बाद में चंडीगढ़ के एक कॉलेज से BBA की पढ़ाई करके ग्रैजुएशन की डिग्री हासिल की।


    नीरज चोपड़ा के कोच कौन है
    (Who Is Neeraj Chopra Coach)


    नीरज चोपड़ा के कोच जर्मनी के फेमस जैवलिन थ्रोअर रह चुके उवे है। कोच उवे के मार्गदर्शन और नीरज की मेहनत के कारण ही भारत को 121 साल बाद ट्रैक एंड फील्ड में पहला गोल्ड मेडल मिला।


    नीरज चोपड़ा के रिकॉर्ड
    (Record Of Neeraj Chopra)


    नीरज के नाम एशियन गेम्स में भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल लाने का रिकॉर्ड दर्ज है। 2018 में जकार्ता में हुए एशियन गेम्स में उन्होंने ये कारनामा किया था, जहां उन्होंने 88.06 मीटर का थ्रो फेंका था। नीरज से पहले जैवलिन थ्रो में भारत के लिए एशियन गेम्स में गुरतेज सिंह ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। 


    कॉमनवेल्थ गेम्स में भी नीरज ने गोल्ड मेडल जीता था लेकिन इस दौरान उनके कंधे में चोट लग गई थी जिसके कारण नीरज काफी समय तक खेल से दूर रहे, और फिर कोरोना के कारण भी कई सारे इवेंट रद्द हुए थे, इन सब के बावजूद नीरज ने इंडियन ग्रांड प्रिक्स में जोरदार वापसी कर 88.07 का रिकॉर्ड प्रदर्शन करा और अपना ही 88.06 का एशियन गेम्स का रिकॉर्ड तोड़ा था।


    नीरज चोपड़ा का खेल प्रदर्शन
    (Neeraj Chopra Medal)


    • टोक्यो ओलंपिक 2020 में गोल्ड मेडल।

    • एशियन गेम्स 2018 में गोल्ड मेडल जीता।

    • कामनवेल्थ गेम्स 2018 में गोल्ड मेडल जीता।

    • एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2017 में भी गोल्ड मेडल जीता।

    • वर्ल्ड अंडर 20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2016 में गोल्ड मेडल जीता।

    • साउथ एशियन गेम्स 2016 में गोल्ड मेडल जीता।

    • एशियन जूनियर चैम्पियनशिप 2016 में सिल्वर मेडल जीता।



    नीरज चोपड़ा विश्व रैंकिंग 
    (World Ranking Neeraj Chopra)


    नीरज चोपड़ा की विश्व में जैवलिन थ्रो कैटेगरी में वर्तमान में चौथा स्थान है। अपनी इस मज़बूत पोजिशन के लिए उन्होने जमकर मेहनत करी है तब ही जाकर उन्होंने पूरी दुनिया में अपनी ताकत का लोहा मनवाया है।




    ओलिंपिक में गोल्ड जीतने के बाद इनामों की बारिश
    (Neeraj Chopra Rewards By Government)



    • हरियाणा सरकार ने नीरज चोपड़ा को 6 करोड़ रूपए की इनामी राशि, क्लास वन की जॉब और रियायती प्लाट देने की घोषणा की है। वहीं BCCI ने उन्हें हाल ही में 1 करोड़ रूपए देने की घोषणा की है।


    • रेलवे ने भी नीरज को 3 करोड़ रूपए देने की बात कही है, और पंजाब सरकार ने देश का नाम रोशन करने के कारण 2 करोड़ रूपए की राशि देने की बात कही है।


    • मणिपुर सरकार ने 1 करोड़ रूपए की राशि तथा भारतीय ओलिपिक संस्थान ने 75 लाख रुपए देने की घोषणा की है।


    नीरज चोपड़ा प्रेरक विचार
    (Neeraj Chopra Famous Quotes)


    "जब सफ़लता की ख्वाहिश आपको सोने न दे, 

    जब मेहनत के अलावा और कुछ अच्छा न लगे,

    जब लगातार काम करने के बाद थकावट न हो, 

    समझ लेना सफलता का नया इतिहास रचने वाला है"


    " मुझे लगता है देश को गर्व महसूस कराने के लिए खेल बहुत जरुरी है"


    "कंपटीशन के लिए मेंटली प्रिपेयर होना जरुरी होता है"


    "मुझे लगता है मुझ पर करोड़ों लोगों की दुआएं थी इसलिए कामयाब हुआ हूं"


    वाहिद अली वाहिद काव्य के कुछ अंश
    (Wahid Ali Wahid Famous Poem)


    "कब तक बोझ संभाला जाए,

    द्वंद्व कहां तक पाला जाए,

    दूध छीन बच्चो के मुख से, 

    क्यों नागों को पाला जाए,

    दोनों ओर लिखा हो भारत,

    सिक्का वही उछाला जाए,

    तू भी है राणा का वंशज,

    फेंक जहां तक भाला जाए"



    नीरज चोपड़ा के बारे में रोचक जानकारी
    (Information About Neeraj Chopra)


    • नीरज चोपड़ा भारतीय फौज(indian army) में नायब सूबेदार की पोस्ट पर तैनात है।


    •  भाला फेंक खेल में अपने असाधारण प्रदर्शन के बलबूते उन्हें नायक सूबेदार पोस्ट पर तैनात किया गया था। 


    • जूनियर विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने के बाद इंडियन आर्मी का विशेष रूप से उन पर ध्यान गया था।


    •  नीरज चोपड़ा को उनके दमदार खेल प्रदर्शन के कारण 2018 में अर्जुन पुरस्कार भी मिल चुका है।


    • नीरज चोपड़ा की कुल नेट वर्थ 5 मिलियन डॉलर का अनुमान एक मीडिया वेबसाइट द्वारा बताया गया था।



    FAQ


    Q1. नीरज चोपड़ा किस खेल के खिलाड़ी हैं?

    Ans. भाला फेंक (Javelin Throw)


    Q2. नीरज चोपड़ा कितने साल के है?

    Ans. 23 वर्ष के है।


    Q3. नीरज चोपड़ा किस जाति से संबंध रखते हैं?

    Ans. हिंदू रोर मराठा


    Q4. नीरज कहां के रहने वाले हैं?

    Ans. नीरज पानीपत, हरियाणा में छोटे से गांव खंडरा में रहते हैं।


    Q5. नीरज चोपड़ा की कुल नेटवर्थ कितनी है?

    Ans. लगभग 5 मिलियन डॉलर के आस पास।


    Q6. नीरज चोपड़ा के कोच कौन है?

    Ans. फैमस जर्मन जैवलिन थ्रोअर उवे।


    Q7. पुणे स्टेडियम का नाम बदलकर क्या रखा गया हैं?

    Ans. नीरज चोपड़ा स्टेडियम।


    Q8. नीरज चोपड़ा को किस उपनाम से जाना जाता है?

    Ans. गोल्ड बॉय।


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    1 Comments

    1. Waah ankur, aapne kafi achhi jankari provide karai hai jo absolutely tdue hai.
      Thanks for this.

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